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मेहंदवानी में भारत बंद का व्यापारियों ने किया समर्थन,गोंगपा ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन 

डिंडौरी।  गोडवाना गणतंत्र पार्टी के तत्वावधान में जिले के मेहदवानी ब्लॉक मुख्यालय में बंद कराया,भारत बंद को यहाँ व्यापक समर्थन मिला,SC, ST  ...

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Chetram Rajpoot

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Chetram Rajpoot

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डिंडौरी।  गोडवाना गणतंत्र पार्टी के तत्वावधान में जिले के मेहदवानी ब्लॉक मुख्यालय में बंद कराया,भारत बंद को यहाँ व्यापक समर्थन मिला,SC, ST  संगठनों के समर्थन में व्यापारियों ने दिनभर दुकानें बंद रखा, संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है जिमसें उल्लेख है कि  हाल ही में  उच्चतम न्यायालय ने आरक्षण व्यवस्था में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के ‌द्वारा सभी वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होने के द्वारा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में उपवर्गीकरण के पक्ष में जो फैसला दिया गया है. वह पूर्णतया संविधान के विरुद्ध होकर बेहद निंदनीय, असामाजिक तथा विभाजनकारी है। जो किसी भी प्रकार से सामुदायिक स्तर पर स्वीकार नहीं है. गोडवाना गणतंत्र पार्टी  व एससी और एसटी समुदाय इसका पुरजोर विरोध करती है। गौडवाना गणतंत्र पार्टी स्पष्ट रूप से मानती हैं कि जिस सवैधानिक आरक्षण की सुविधा के चलते पीड़ित एवं वंचित वर्ग के समाज में समता समानता एवं मौलिक अधिकारों के मूलभूत सिद्धांतों की रक्षा करके इन वर्ग के लोगों को जो संवैधानिक अधिकार मिला हुआ है।
वह उप वर्गीकरण के नाम पर भारत सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति से इस अधिकार को छीनना चाहती है, जो अनुचित, अन्याय पूर्ण व जनहित के प्रतिकूल है और इससे संविधान के निर्माता सामाजिक न्याय का नारा देने वाले बाबा साहेब की सुदृढ लोकतंत्र का अपमान है। अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों के लिए यह निर्णय तार्किक एवं न्यायिक दृष्टि से अनुपयुक्त हैं। इस फैसले से अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति की जातियों में मतभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है। जिससे समाजिक समरसता पर दुष्पआव पड़ेगा, जबकि संविधान में अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति जातियों में जो समूह बनाए गए हैं. उसमें कोई भेदभाव नहीं है। अभी भी सरकारों के द्वारा एससी और एसटी आरक्षण को पूर्ण रूप  से धरातल पर लागू नहीं किया जा सका है। कर्मचारी चयन आयोग समिति में एससी और एसटी वर्ग का प्रतिनिधित्व नहीं होने से इस वर्ग के साथ भेदभाव हो रहा हैं।
पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को बंद कर दिया गया है. जिससे एस सी और एस टी वर्ग के लोगों को उच्च पदों में पहुंचने की संभावना खत्म हो गई हैं। बल्कि एस सी और एस टी वर्ग के लिए आज भी विशेष भर्ती अभियान के तहत शासकीय पदों में भर्ती किये जाने की आवश्यकता हैं। एक कदम आगे की और बढ़ाते हुए प्राइवेट नौकरियों में भी एस सी और एस टी वर्ग के लिए पदों को आरक्षित करने की आवश्यकता है। साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की आवश्यकता है।  राष्ट्रपति से उन्होंने मांग करते हुए उल्लेख किया है कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के  ज्ञापन पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार कर अपने संविधानिक दायित्वों शक्ति का प्रयोग करते हुए देश की लगभग 25% जनसंख्या के भविष्य से जुड़े इस निर्णय को शून्य किया जाए।