शहडोल

आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए `पोषण ट्रैकर` एप्लीकेशन की शुरुआत

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आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए `पोषण ट्रैकर` एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है
पूरे मध्य प्रदेश मैं पोषण ट्रैकर की csc vle द्वारा दी जा रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण

दिनांक – 25 मई 2021

स्थान – अमलाई (बकहो) से संदीप कुमार पटेल की रिपोर्ट

मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और उससे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए ‘पोषण ट्रैकर’ एप्लीकेशन की शुरुआत की गई है. भारत सरकार द्वारा शुरू की गई यह सुविधा मध्यप्रदेश के 52 जिलों के 97,135 आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू हुई है. इस सुविधा के तहत पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं हर महीने 200 रुपए अलग से दिए जाएंगे.
इस राशि से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जरूरत के हिसाब से बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी देने वाले सर्विस प्रोवाइडर का नेट कनेक्शन लेकर पोषण ट्रैकर एप, आईएमएम, संपर्क एप्लीकेशन और अन्य विभागीय इंटरनेट से संबंधित कार्यों को पूरा कर सकेंगी.

पोषण अभियान के तहत दिए गए थे मोबाइल

केंद्र सरकार ने दो साल पहले ‘पोषण अभियान’ के तहत देश की आंगनबाड़ियों में 6 साल तक के बच्चों के वजन और कद की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए वर्कर्स को मोबाइल देने का फैसला किया था. जिसके बाद अब पोषण ट्रैकर एप की शुरूआत की गई है, इस ऐप से विभागीय कार्यों को जल्द निपटाने में आसानी होगी
आपको बता दें कि इससे पहले शिवराज सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत दी थी. साल 2020 के दिसंबर महीने में लिए गए एक फैसले के तहत अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को अब सुनवाई के बगैर सेवा से नहीं हटाया जा सकेगा. राज्य सरकार ने कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन कर दिया है. लिहाजा अब ऐसे किसी भी मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कलेक्टर और संभागायुक्त के कार्यालय में अपील की जा सकेंगी. संबंधित अधिकारियों को 15-15 दिन में अपील का निराकरण करना होगा. 10 जुलाई 2007 को जारी नियमों के तहत कार्यकर्ताओं को अपील का अवसर नहीं दिया जाता था.

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