डिंडौरी राष्ट्रीय

बुजुर्ग दसरू बैगा को वृद्धापेंशन की राशि दिलाने के आड़ में करा लिया जमीन की रजिस्ट्री…!

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– बजाग तहसील अंतगर्त ग्राम पंचायत पिपरिया निवासी बुजुर्ग ने लगाया आरोप

– उप पंजीयक कार्यालय में बैठे-बैठे कर रहें विक्रय भूमि का निरीक्षण एवं सत्यापन

– आदिवासियों की भूमि ओने -पोने दामो में बिकवाने बजाग क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय दलाल काट रहे चांदी

 

 

 

आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले में प्राकृतिक तौर पर अकूत खनिज संपदा से परिपूर्ण क्षेत्रों में लंबे समय से खनन माफिया एवं कारपोरेट घरानों की नजरें लगी हुई हैं,जिले में बॉक्साइट खनन शुरू करने को लेकर कई बार मंत्रिमंडल में भी तकरार होने के मामले देखी गई हैं, वही उद्योगपति भविष्य की दूरगामी नीतियों को देखते हुए आदिवासियों की जमीनें हड़पने की जुगत में लंबे समय से लगे हुए हैं..?

डिंडौरी | दसरू बैगा को जब एक साथ 2 लाख 80 हजार रुपये यह कह कर दिए गए कि यह राशि वृद्धापेंशन योजना के तहत मिल रही हैं, फलाना फलाना दस्तावेजो में हस्ताक्षर कर दो…!तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा कि एक साथ इतनी राशि सरकारी सहायता के तौर पर उसे मिली है लेकिन जब उसे बताया गया कि कि उसकी जमीनें 2 लाख 80 हजार रुपये में बिक चुकी हैं तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गया। जब उसने परिजनों के साथ कलेक्टर कार्यालय में आकर पता किया तो उसकी जमीन कटनी निवासी रघुराज सिंह गौड़ के नाम पर रजिस्ट्री हो चुकी हैं, उसने बताया कि गाँव के स्थानीय दलाल के द्वारा उसे पेंशन की राशि दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट लाया गया था, जहाँ उसके द्वारा विभिन्न दस्तवेजो में धोखाधड़ी कर हस्ताक्षर कराया गया है, दसरू ने कहा कि परिवार में दर्जनों लोग हैं अगर जमीन बेच देंगे तो जियेंगे कैसे …?

आदिवासियों की जमीन बिकवा दलाल काट रहे चांदी

बताया गया कि पिपरिया क्षेत्र में लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि में बॉक्साइट संपदा प्रचुर मात्रा में दबा हुआ है, जिसे देखते हुए जिले के सफेदपोश नेताओ के साथ ही जिले के बाहर के उद्योगपति एवं खनन माफिया स्थानीय आदिवासियों की जमीनें दलालों की साठगांठ से खरीदने में जुटे हुए हैं। इस बात की जांच होनी चाहिए कि बजाग तहसील के हल्का नम्बर 176 में कितनी भूमि किनके द्वारा और कब कब खरीदी की गई हैं..अगर सूक्ष्मता से खरीद फरोख्त की जाँच की जाती हैं तो आदिवासियों को भूमिहीन बनाने का बड़ा षड्यंत्र बेपर्दा हो सकता हैं,जिसमें जिले के आदिवासी हितैषी कई दिग्गज नेताओं के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।

उप पंजीयक कार्यालय से कर रहे विक्रय जमीनों का निरीक्षण एवं सत्यापन

डिंडोरी जिले में उप पंजीयक कार्यालय भृष्टाचार के दलदल में तब्दील हो चुका है, कार्यालय में सारे काम सक्रिय दलालों के माध्यम से ही संपन्न हो रहा है। इतना ही नही उप पंजीयक की जिम्मेदारी है कि उनके द्वारा विक्रय की जा रही भूमि का मौके पर जाकर निरीक्षण एवं सत्यापन किया जाए किन्तु अधिकारी कार्यालय में बैठे बैठे ही कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।

 

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