शहडोल

शहडोल:मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी निकले मौत के सौदागर,रेमडेसिविर की कालाबाजारी ने उड़ाये होश

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 :-रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार…

शहडोल/ कोविड से पीडित मरीजों की बिगड़ती हालत में सुधार के लिये लगनें वाले रेमडेशिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी थमनें का नाम नहीं ले रही है। आपदा के इस दौर में भी कुछ लोग मजबूरी का फायदा उठाकर मानवता को शर्मशार कर मोटी कमाई करनें में लगे हुये है और जरुरतमंदों से मनचाहा पैसा वशूल कर रहे है।रेमडेसिविर की कालाबजारी 6 इंजेक्शन के लिए थे 40 हजार रुपये! शिकायत मिलनें पर शहडोल पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कार्यवाही की गई और इस इंजेक्शन को बेचनें वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस नें 6 रेमडेशिविर इंजेक्शन के साथ पांच मोबाईल फोन और छह लाख उन्नचास हजार चार सौ अस्सी रुपये भी बरामद किये है। गिरफ्तार किये गये इन चार आरोपियों में तीन मेडिकल कॉलेज में पदस्थ थे,जिसमें नर्स सुषमा साहू सहित दीपक गुप्ता व उज्जवल द्विवेदी नामक शख्स शामिल है, वहीं चौथा शख्स अमित मिश्रा है जो मेडिकल कॉलेज के सामनें ही अमित फार्मा नामक मेडिकल स्टोर का संचालक है। इंजेक्शनों की बिक्री करते समय यह जरूरत मंदो से कहते थे कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज की मृत्यु के बाद उनके पास यह इंजेक्शन बच गए है जिन्हें यह उपलब्ध करा देंगे। खरीददार फसते ही यह जरुरतमंदों से मोटी रकम वसूल करते थे। जांच की बात यह भी है कि जब रेमडेशिविर के एक-एक इंजेक्शन की जानकारी मेडिकल कॉलेज सहित प्रशासन को होना आवश्यक है,ऐसे में बड़ी आसानी से इनके द्वारा इंजेक्शनों का बाहर लाया जाना कई सवाल खड़े करनें के साथ ही मेडिकल कॉलेज के कई जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा नजर आ रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि पूछताछ में इनसे कई ऐसे खुलासे की संभावना है जिनमें कई जिम्मेदारों के नाम सामनें आ सकते है। बहरहाल पुलिस नें इन पर धोखाधडी, म.प्र. ड्रग कन्ट्रोल, म.प्र. आयुर्वेधिक अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्व कर गिरफ्तार किया है,

बाइट:- हिमांशु अबदानी…(परिजन)

बाइट:- मुकेश वैश्य अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहडोल..

शहडोल से अनुराग त्रिपाठी की रिपोर्ट….
8770102571…

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