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पसान स्कूली बच्चों को सिर्फ चावल बांट रहे, सूखा राशन से बाकी सामान गायब, शिक्षक पर गिरेगी गाज/निलंबन की मांग

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रितेश गुप्ता
कोरबा

*पसान स्कूली बच्चों को सिर्फ चावल बांट रहे, सूखा राशन से बाकी सामान गायब, शिक्षक पर गिरेगी गाज/निलंबन की मांग*


कोरबा-पसान::- कोरोना काल के लाक डाउन में बंद पड़े सरकारी स्कूलों के बच्चों को शासन के द्वारा सूखा राशन प्रदाय करने की व्यवस्था दी गई है। चावल के साथ साथ इन्हें दाल, नमक, सोयाबीन बड़ी, अचार, तेल भी निर्धारित मात्रा में दिया जाना है। जिले के भी सरकारी स्कूलों में बच्चों अथवा उनके अभिभावकों को यह सामग्री वितरण कराई जा रही है। हालांकि इस बार के सूखा राशन से सोयाबीन की बड़ी गायब है। पहले शिक्षा विभाग के द्वारा आपूर्ति की बात हो रही थी फिर स्व सहायता समूह खरीदकर वितरण करेगा, इसकी चर्चा रही लेकिन आखिरकार ना तो शिक्षा विभाग और ना ही समूह दोनों ने सोयाबीन बड़ी का वितरण सुनिश्चित नहीं किया। इसके बीच कुछ ऐसे भी स्व सहायता समूह हैं जो सूखा राशन की सामग्री प्रदान करने में कोताही बरत रहे हैं।

*मामला जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला दर्रीपारा, पसान का है। यहां दोनों पैरों से दिव्यांग सहायक शिक्षक (L B) रंजीत प्रजापति प्रभारी प्रधान पाठक हैं। उनके द्वारा मार्च-अप्रैल माह में 46 दिन का राशन वितरण किया गया लेकिन बच्चों को सिर्फ और सिर्फ चावल ही बांटा जा सका। अभी मई-जून का सूखा राशन वितरण किया जा रहा है जो कि 40 दिन का है। प्राथमिक शाला के कक्षा पहली से पांचवी तक के कुल 66 विद्यार्थियों को सूखा राशन दिया जाना है लेकिन उन्हें सिर्फ चावल प्रदान करने से अभिभावकों में रोष है। इस विद्यालय में सोनम स्व सहायता समूह अध्यक्ष चम्पा के द्वारा सूखा राशन की सामग्री क्रय कर वितरण करना है। हालांकि समूह के द्वारा स्कूल में आकर सूखा राशन वितरण नहीं किया जा रहा है और दिव्यांग प्रधान पाठक के द्वारा स्कूल आकर बच्चों के अभिभावकों को सामग्री के रूप में सिर्फ चावल दिया जा रहा है। इस बात को लेकर आज अभिभावकों के द्वारा रोष प्रकट किया गया।*

इस मामले में प्रभारी प्रधान पाठक ने बताया कि स्व सहायता समूह के द्वारा ना तो पिछले महीनों में और न ही वर्तमान में दाल, तेल, नमक, आचार, बड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई तो आखिर हुए यह सामान कहां से बांटे? शासन की ओर से प्रदत्त चावल को लाकर 4 किलो प्रति छात्र के मान से उनके अभिभावकों को वे वितरण कर रहे हैं।!

*ग्रामीणों में भारी आक्रोश/निलंबन की मांग*

*बच्चो के अभीभावको ने शिक्षक एवम समूह पर कड़ी कार्यवाही की मांग की और कहा कि शिक्षक को निलंबित व समूह को बर्खात कर पैसों की वसूली के साथ जेल भेज देना चाहिए

*कराई जा रही है जांच : डीईओ*

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे ने बताया कि उन तक यह बात पहुंची है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी एलएस जोगी को जांच के लिए कहा गया है। वह सभी पक्षों को जानकर उनके बयान लेकर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी !!

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