डिंडौरी मध्यप्रदेश

मनरेगा | पुलिया निर्माण में सामग्री के नाम पर उपयंत्री और सहायक यंत्री ने किया लाखों रुपए का बंदरबांट,वर्षो से अपूर्ण कार्य का जारी किया सीसी

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– पुलिया निर्माण के नाम पर फर्जी मूल्यांकन कर निकाली लाखों रु.की राशि

-बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भानपुर का मामला

मध्यभूमि के बोल,संवाददाता
डिंडोरी | बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियो के मिलीभगत से निर्माण एजेंसियों के द्वारा निर्माण कार्यो के नाम पर लाखों रुपए का फर्जीवाडा बैखोफ होकर किया जा रहा है। रोजगार गारंटी योजना का उद्देश्य भले ही ग्रामीण क्षेत्रों के वाशिंदों को प्रत्येक वर्ष 100 दिवस रोजगार उपलब्ध कराने की गारंटी देने का हैं किन्तु घनघोर वनों से आच्छादित क्षेत्रों में बसे विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यो के नाम पर करोड़ो रूपये का घपला बैखोफ होकर किया जा रहा है। इतना ही नही मनरेगा के तहत पुलिया, सड़क एवं डेम समेत अन्य निर्माण कार्यो को सिर्फ कागजो में निर्माण कार्य दर्ज करते हुए जिम्मेदार अधिकारी एवं उपयंत्री के द्वारा फर्जी मापपुस्तिका एवं बिल तैयार कर केंद्र सरकार के खजाने पर सेंध लगाया जा रहा हैं।

 

अधूरा पुलिया निर्माण करा सामग्री के नाम पर 6 लाख रुपये का भुगतान

बजाग जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक यंत्री का घपले – घोटाले और भृष्टाचार से काफी पुराना नाता है, जिसकी एक बानगी बजाग जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भानपुर में सामने आया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018 में पाइप पुलिया निर्माण बिजौरा बंजर नाला में निर्माण हेतु 10 लाख रुपये स्वीकृत किया गया था ,उक्त कार्य स्थल में फिलहाल साइड वाल ही का निर्माण अत्यंत गुणवत्ताहीन स्तर का दिखता है,जबकि वर्ष 2019 में ही उक्त कार्य के नाम पर उपयंत्री द्वारा लगभग 6 लाख रुपये का सामग्री के नाम पर मूल्यांकन करते हुए फर्जी बिल तैयार कर सहायक यंत्री के मिलीभगत से राशि का बन्दरबांट कर लिया गया है, उक्त कार्य हेतु 10 लाख रुपये स्वीकृत की गई थी जिसमे से मजदूरी हेतु 2 लाख 43 हजार रु का प्रावधान था वही सामग्री हेतु 7 लाख 57 हजार रु निर्धारित किया गया था जिसमे से मजदूरों को कुल 114000 रु का एवं सप्लायरों को 590925 रु का भुगतान सामग्री के नाम पर सप्लायर को भुगतान किया गया है,75 फीसदी राशि का भुगतान होने के बाद भी कार्य के नाम पर सिर्फ साइड वाल बना हुआ है, जबकि उक्त कार्य की सीसी हो चुकी हैं। इस तरह से जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिए आवंटित राशि से स्वयं के जेब भरते हुए कागजो में ही विकास की इबारत लिख रहें हैं।

 

जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही जबकि निर्माण कार्य हेतु स्वीकृत राशि मे से 75 फीसदी राशि व्यय होने के बावजूद विगत 04 वर्षों से पुलिया निर्माण अपूर्ण स्थिति में है, वहीं उक्त कार्य में फर्जी मापपुस्तिका एवं सामग्री के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी बिलो का भुगतान किया गया है।जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों के द्वारा ग्राम पंचायत एवं उपयंत्री व सहायक यंत्री के लूट कथा पर पर्दा डालने की मंशा से उक्त कार्य का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करना भृष्टाचार के खेल में संलिप्तता को उजागर करता है। वही सूत्रों की माने तो बजाग जनपद पंचायत के कुछ और ग्राम पंचायतों में भी इस तरह के मामले हैं जिनका जमीन में तो कोई पता नही लेकिन सरकारी दस्तवेजो में पूर्ण किया जाकर लाखो रु का बंदरबांट किया गया है।

इनका कहना है,,,
2018-19 में मेरे द्वारा उक्त पुलिया निर्माण में सामग्री का भुगतान कराया गया है,मेरा ट्रांसफर होने के बाद पता नही कैसे सीसी जारी हो गया,इसकी जांच की जा रही है।

जॉन अनुग्रह देवड़ा

“बरसात के वजह से काम बंद कर दिया गया था, पता नही कौन सीसी जारी कर दिया है,पुलिया निर्माण को जल्द पूर्ण करेंगें।”

सुनहर तेकाम, सचिव ग्राम पंचायत भानपुर

कार्य के बारे मे मुझे जानकारी नहीं है, जो भी किया है वह उपयंत्री ही जाने,आप उपयंत्री से जानकारी ले सकते हैं।

कृष्ण कुमार मरावी,सरपँच

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