डिंडौरी

धान की नर्सरी तैयार करने से पहले जैविक विधि से किया गया उपचार

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धान की नर्सरी तैयार करने से पहले जैविक विधि से किया गया उपचार

डिंडोरी/शहपुरा

प्रदीप झारिया।

– जैविक कृषि प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू द्वारा जैविक विधि से धान का उपचार कर किया गया नर्सरी।धान को सबसे पहले एक बड़ी तसले मे धुलकर पानी में डुवांगे जिसमे धान पानी पर तैरेगा उसे अलग कर दिया जाऐगा और पानी में नीचे बैठा हुआ धान को हल्का सुखाकर गौमूत्र एवं गोबर से मिलाकर बोरा के ऊपर 10 मिनट सूखा लेंगे।इसके उपरांत आप नर्सरी तैयार कर सकते हैं,धान का उपचार इसीलिए करते है फफूंद उक्ठा एवं अनेक प्रकार के रोगों से बचाया जा सकता है,और साथ ही धान मे गोबर मिलाकर वुबाई करने से चिड़िया पक्षियों से बचाया जा सकता है,धान के ऊपरी परत पर गोबर लगने से चिड़िया नहीं खाती है।

नर्सरी तैयार करने के लिये भूमि का स्थान चैयन करें,भूमि हल्का ढलान हो या जिस खेत का स्थान पर ऊंचे हो पानी ना भरे ऐसा जगह पर नर्सरी तैयार करना चाहिए जब धान 14 दिन से ऊपर और 21 दिन के अंदर का हो जाए तो धान की रोपाई कर देना चाहिए जिससे धान अपनी जड़ सही समय में फैलाकर अधिक मात्रा में शाखाएं निकाल सके एवं धान की रोपाई 25 सेमी. की दूरी पर करना चाहिए।
१५ जून २०२१

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