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विश्व पर्यावरण दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैज्ञानिक एवं शिक्षा विदो ने पर्यावरण के प्रति चिंता जताई ; पर्यावरण के प्रति नागरिक दायित्व निर्वहन का किया आहवान्

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दिनांक – 05.06.2021

जिला – कोरिया

स्थान – मनेन्द्रगढ़,

रिपोर्टर – दीपेन्द्र शर्मा

विश्व पर्यावरण दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैज्ञानिक एवं शिक्षा विदो ने पर्यावरण
के प्रति चिंता जताई ; पर्यावरण के प्रति नागरिक दायित्व निर्वहन का किया आहवान् ;

शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर “ पर्यावरण की दशा
भविष्य की चुनौतियाँ एवं समाधान · विषय पर गृहविज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेवा योजना एवं आई.क्यू.ए.सी. के
संयुक्त तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोजबाला श्याग विश्नोई
के संयोजन मागदर्शन तथा आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी श्री एल. सी मनवानी एवं श्री सुशील कुमार रासेयो कार्यक्रम अधिकारी एवं डॉ. अरूणिमा दत्ता श्री अवनीश कुमार गुप्ता के सह-संयोजन में किया गया।

ऑनलाईन गूगल मीट वर्चुवल प्लेटफार्म पर जर्मनी से प्रथम वक्ता के रूप में युवा वैज्ञानिक डॉ. मनीष गर्ग सीनियर साइंटिस्ट, रिसर्च ग्रुप लीडर नैनोस्कल साइंस, मैक्स प्लैंक इंस्टिट्यूट सॉलिड स्टेट रिसर्च स्टुटगर्ट
जर्मनी द्वितीय विद्वान वक्ता प्रोफेसर तरूण कुमार ठाकुर विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान इन्द्रागांधी नेशनल
ट्राइबल यूनिवर्सिटी अमरकंटक मध्यप्रदेश भारत से उपस्थित रहें। तृतीय क्रम में विद्वान वक्ता भूपेन्द्र कुमार एसोसियेट प्रोफेसर वेब्रे ताबोर विश्वविद्यालय इथोपिया अफ्रिका से उपस्थित रहे। चतुर्थ विद्वान वक्ता डॉ. मधुर मोहन रंगा सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष पर्यावरण साइंस विभाग संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय
अम्बिकापुर ने इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.
विश्नोई के स्वागत भाषण एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण की दशा : भविष्य की चुनौतियाँ एवं समाधान विषय
विषय प्रवेश के साथ हुआ संगोष्ठी के अंत में शोध प्रतिवेदन श्री एल.सी. मनवानी द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरूणिमा दत्ता द्वारा किया गया। श्री अवनीश गुप्ता एवं श्री सुनीत जॉनसन बाड़ा द्वारा यूट्यूब लाइव एवं टेक्निकल कार्य को संभाला।

इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में वैज्ञानिक एवं शिक्षा विदों ने जलवायु परिवर्तन, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ग्लोबल वार्मिंग, जैव विविधता, मरूस्थलीयकरण, सतत एजेंडा, पर्यावरणीय समस्या, पर्यावरण प्रदुषण के अंतर्गत वायु, जल, ध्वनि, मृदा, विकिरण, आद्यौगिक प्रदुषण, तापयीय प्रदुषण, कूड़े-कचरे का प्रदुषण, घरेलू अपशिष्ट से प्रदुषण एवं समुद्री प्रदुषण, अमलीय वर्षा, ग्रीनहाउस प्रभाव,
ओजोन परत क्षरण के प्रति चिंता जताई एवं प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर अपने नागरिक दायित्व का निर्वहन करते हुए जन्मदिन, विवाह दिवस आदि षोडस संस्कार के अवसर पर पेड़ लगाकर और उन्हें शिशु की तरह पालपोषकर बड़ा करने के लिए आहवान् किया साथ ही कई प्रकार के पौधों और जन्तुओं को आसरा देने वाले कार्बन को सोखने वाले वर्षा वनों की कटाई को रोकने का आहवान् किया।

डॉ. मनीष गर्ग ने कहा कि वनों को बचाकर ही हम शुद्ध प्राण वायु प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर के उपरान्त सभी के प्रति कार्यक्रम संयोजक डॉ. विश्नोई द्वारा आभार प्रकट करते हुए अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी समापन की घोषणा की।

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