उमरिया

उमरिया जिले का हर एक व्यक्ति सीधे बात करता था कलेक्टर से अपनी समस्याओं को लेकर

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उमरिया से प्रतिनिधि अनुज सेन की रिपोर्ट

सरकार की योजनाओं को अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना मुख्य उद्देश्य रहा है-कलेक्टर

मीडिया जनों से बातचीत में कलेक्टर ने कहा …..

उमरिया जिले का हर एक व्यक्ति सीधे बात करता था कलेक्टर से अपनी समस्याओं को लेकर

उमरिया । सरकार की जनहितैषी योजनाएं आम लोगो के लिए कारगर है,ज़रूरी है कि इन योजनाओं को प्रभावी रूप से जिले में विभागीय अधिकारियों द्वारा क्रियान्यवन किया जाए,हमने अपने कार्यकाल में इन्ही योजनाओं को समाज के अंतिम पंक्ति तक ले जाने का प्रयास किया है,कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने उक्त बातें स्थानांतरण उपरांत मीडिया जनों से कही।उन्होंने कहा कि आमलोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं नितांत आवश्यक है,हमने विभागीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित करने भरसक प्रयास किया,परन्तु अभी भी कुछ और सुधार की ज़रूरत है।उन्होंने बांधवगढ टाइगर रिज़र्व में विदेशी पर्यटकों के लिए होम स्टे योजनाओं पर प्रभावी रूप से अमल में लाने की बात कही,उन्होंने कहा कि इससे एक ओर गरीब आदिवासियों में आर्थिक सुधार होगा,वही विदेशी पर्यटकों को भी वन्य प्राणियों के साथ कुदरती माहौल मिलेगा।विदित हो कि बीते सोमवार को कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का स्थानांतरण भोपाल हो गया है,उन्हें राज्य सरकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी मप्र राज्य कौशल विकास एवम रोजगार निर्माण बोर्ड तथा संचालक रोजगार उपसचिव के रूप में नया कार्यभार दिया है।जिले में अब नवांगत कलेक्टर के रूप में कृष्णदेव त्रिपाठी बुधवार को कार्यभार संभालेंगे।

अतिक्रमण मामलों में भी था मानवीय द्रष्टिकोण

मीडिया जनों से बातचीत में कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले में संचालित क़ई एनजीओ बेहतर काम कर रहे है,परन्तु प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में जुटे क़ई सामाजिक संस्था या एनजीओ पर विभागीय स्तर पर निगरानी रखने की और ज़रूरत है।कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव वर्ष 2020 के मई माह में जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार ग्रहण किये थे।इस दौरान वैश्विक बीमारी कोरोना पूरे देश मे विकराल रूप धारण की हुई थी।इस दौरान जिले में कलेक्टर ने पूरी जिम्मेदारी से स्वास्थ्य अमले को कोरोना से जूझने कड़े निर्देश दिए और कोविड से जूझ रहे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का प्रयास किया।सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जिले के सुदूर गांव पहुंचे,और अंतिम पंक्ति के लोगो से मिलकर उनकी समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया।शायद इसी का नतीजा था कि ग्रामीण सीधे कलेक्टर को फोन करके अपनी समस्याओं से रूबरू कराते थे।नगरीय क्षेत्रों में भी इन्होंने क़ई बेहतर काम किये,क़ई बार खुद नालियों को साफ कर आमलोगों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया।पिछले दो सालों में क़ई भृष्ट अधिकारियों एवम कर्मचारियों पर सख्त रवैया अपनाया और क़ई अधिकारी-कर्मचारी पर निलंबन की गाज गिराई।कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने अवैध अतिक्रमण पर भी कार्यवाही की है,क़ई अतिक्रमित राजस्व भूमि को खाली करा शासन के सुपुर्द किया है।अतिक्रमण कार्यवाही में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की खास बात ये रही कि कभी किसी गरीब के बसेरे को नही गिराया,अधिकांश मामलों में उन्ही अतिक्रमित स्थलों को खाली कराया,जो कामर्सियल उपयोग में हो या बिना उपयोग के खाली पड़ी है।शासकीय कर्मचारियों का स्थानांतरण एक शासकीय प्रक्रिया है,ये निरंतर होती रहती है,और होती रहेगी,पर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने जिस मानवीय द्रष्टिकोण से कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद को दो साल से अधिक समय तक बखूबी निभाया है,और गरीबों की मदद करते हुए प्रशासनिक कसावट बनाये रखा, हमेशा याद रहेगा।

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